संवाददाता, कानपुर देहात
मिशन शक्ति फेज-5 के द्वितीय चरण के अंतर्गत दिनांक 22 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान के तहत जनपदीय थाना पुलिस द्वारा बाजारों, सार्वजनिक स्थानों, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया गया। इस दौरान सैकड़ों महिलाओं एवं बालिकाओं को महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण, कानूनी अधिकारों तथा विभिन्न अपराधों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जिनमें 181 महिला हेल्पलाइन, 1090 महिला शक्ति लाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा तथा 1076 पुलिस कंट्रोल रूम प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त पुलिस टीम द्वारा UPCOP ऐप के माध्यम से उपलब्ध पुलिस सेवाओं की जानकारी देते हुए नागरिकों को इसका अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सोशल मीडिया एवं इंटरनेट के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों, जैसे फिशिंग, साइबर स्टॉकिंग, फर्जी प्रोफाइल एवं खातों से होने वाली धोखाधड़ी आदि से बचाव के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए।
अभियान के दौरान महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए पॉक्सो (POCSO) अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत साइबर अपराधों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी गई।
पुलिस विभाग द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश पुलिस महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरंतर जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान संचालित कर रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित एवं सशक्त महसूस कराना तथा अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को और अधिक मजबूत बनाना है।
कानपुर देहात पुलिस ने सभी महिलाओं एवं बालिकाओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की असुरक्षा, उत्पीड़न अथवा अपराध की स्थिति में तुरंत निकटतम पुलिस थाने अथवा संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। पुलिस प्रशासन ने समाज के सभी वर्गों से महिला सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सहयोग की भी अपील की है, ताकि एक सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सके।