संवाददाता, जालौन
जनपद में ई-पंजीकरण (E-Registration) व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सहायक महानिरीक्षक निबंधन अजय कुमार ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि महानिदेशक निबंधन, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में ई-पंजीकरण प्रणाली की जानकारी आमजन, अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों तथा अन्य हितधारकों तक व्यापक रूप से पहुंचाई जाए, ताकि नागरिकों को पंजीकरण संबंधी सेवाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से प्राप्त हो सके।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार पंजीकरण प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़कर अधिक सुविधाजनक एवं नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। ई-पंजीकरण व्यवस्था के अंतर्गत अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से दस्तावेजों के पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे नागरिकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी तथा सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने निर्देश दिए कि तहसील एवं उप-निबंधक कार्यालय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए ई-पंजीकरण व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यक प्रचार सामग्री का वितरण भी किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इस नई व्यवस्था का लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि ई-पंजीकरण प्रणाली के अंतर्गत दस्तावेजों का अनुमोदन, शुल्क भुगतान, पहचान सत्यापन, डिजिटल हस्ताक्षर एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से संपादित की जाएंगी। इससे पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनेगी तथा नागरिकों का समय और संसाधन दोनों बचेंगे।
अजय कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप ई-पंजीकरण व्यवस्था का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा इसके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक आधारित यह व्यवस्था नागरिक सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ई-पंजीकरण प्रणाली के प्रभावी संचालन से सुशासन को और मजबूती मिलेगी तथा आमजन को बेहतर एवं सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।