संवाददाता, उरई/जालौन
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं जनकेंद्रित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शनिवार प्रातः लगभग 8:30 बजे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंचकर उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी, विभिन्न वार्डों तथा अस्पताल परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सीधे मरीजों एवं उनके तीमारदारों के बीच पहुंचे और उनसे संवाद स्थापित कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपचाराधीन मरीजों का हालचाल जाना तथा दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं, चिकित्सकों की उपस्थिति एवं उपचार व्यवस्था के संबंध में फीडबैक लिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं सहज स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों से प्राप्त सुझावों और अनुभवों को स्वास्थ्य सेवाओं के मूल्यांकन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए।
अस्पताल निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, प्रतीक्षालय, बैठने की सुविधा, पंजीकरण प्रक्रिया तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मरीज के साथ मानवीय एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता का वास्तविक आकलन केवल अभिलेखों से नहीं, बल्कि मरीजों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं, अनुभवों और अपेक्षाओं को समझने से होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को सुलभ, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। निरीक्षण के दौरान संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों एवं अस्पताल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।