जनपद जालौन, दिनांक 27 मई 2026 सूचना विभाग, प्रकाशनार्थ आधुनिक तकनीक से विकास कार्यों को मिलेगी नई गति — जिलाधिकारी

रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एवं जीपीएस तकनीक पर अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन्स सेंटर, उत्तर प्रदेश, लखनऊ (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं जनहितकारी कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

कार्यशाला में रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन्स सेंटर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.पी.एस. यादव, डॉ. अर्जुन सिंह, परियोजना वैज्ञानिक डॉ. जय कुमार मिश्रा एवं अवनीश कुमार द्वारा विभिन्न परियोजनाओं में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक के उपयोग से तैयार किए गए जनपदवार डिजिटल डाटाबेस का प्रस्तुतीकरण किया गया।

विशेषज्ञों ने बताया कि रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एवं जीपीएस तकनीक के माध्यम से कृषि, भू-राजस्व, जल संरक्षण, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, सिंचाई, सड़क, वन एवं अन्य विभागों के कार्यों को अधिक सटीक, पारदर्शी एवं परिणाममुखी बनाया जा सकता है।

कार्यशाला में भुवन पोर्टल एवं प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल (PM GatiShakti Portal) के माध्यम से विभिन्न विभागों के डाटाबेस के समन्वय एवं उपयोग की जानकारी भी दी गई। वैज्ञानिकों ने बताया कि इन तकनीकों से विकास कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होने के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिलती है।

इस दौरान लिडार (LiDAR) तकनीक की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया, जिसके माध्यम से भू-आकृति एवं प्राकृतिक संसाधनों का अत्यंत सटीक आंकलन किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था सुशासन की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़े तथा आमजन को त्वरित लाभ प्राप्त हो सके।

कार्यशाला में समस्त अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, उप निदेशक कृषि, कृषि रक्षा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, सामाजिक वानिकी, जिला विद्यालय निरीक्षक, उपायुक्त एनआरएलएम, उपायुक्त मनरेगा, जल निगम, लघु सिंचाई विभाग सहित समस्त खंड विकास अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

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