री-एग्जाम प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों की होगी समीक्षा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वापस हो सकते हैं केस

नई दिल्ली। रेलवे भर्ती परीक्षा (आरआरबी-एनटीपीसी) से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को लेकर राहत की संभावना बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि पात्र मामलों की समीक्षा कर कानूनी कार्रवाई वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

दरअसल, रेलवे भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में वर्ष 2022 में देश के कई राज्यों में व्यापक प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान कई अभ्यर्थियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे। लंबे समय से अभ्यर्थी इन मामलों को वापस लेने की मांग कर रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी उम्मीद

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से इस संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा था। इसके बाद सरकार ने अदालत को बताया कि जिन मामलों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पहली बार आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ है और जिनका कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उनके मामलों की समीक्षा की जाएगी।

किन लोगों को मिल सकती है राहत

सरकारी पक्ष के अनुसार, ऐसे अभ्यर्थी जिनके खिलाफ केवल प्रदर्शन में शामिल होने के कारण मुकदमे दर्ज हुए थे और जिन्होंने किसी गंभीर आपराधिक गतिविधि में भाग नहीं लिया, उन्हें राहत मिल सकती है। प्रत्येक मामले की जांच के बाद संबंधित राज्य सरकारों और प्रशासन द्वारा कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

दिल्ली सरकार और पुलिस करेगी कार्रवाई

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह पात्र मामलों में दर्ज मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। वहीं, दिल्ली पुलिस भी अदालत के निर्देशों के अनुरूप मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी।

2022 के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला

यह मामला वर्ष 2022 में रेलवे भर्ती परीक्षा को लेकर हुए देशव्यापी प्रदर्शनों से जुड़ा है। उस समय कई राज्यों में प्रदर्शन हिंसक हो गए थे, जिसके बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट की पहल के बाद इन मामलों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अंतिम निर्णय समीक्षा के बाद

हालांकि, सभी मामलों को स्वतः वापस नहीं लिया जाएगा। केवल उन्हीं मामलों में कार्रवाई होगी जो निर्धारित मानकों पर खरे उतरेंगे। अंतिम निर्णय संबंधित राज्य सरकारों और सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।

नोट: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। मामलों की अंतिम स्थिति संबंधित न्यायालयों एवं राज्य सरकारों के आधिकारिक निर्णय पर निर्भर करेगी।

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