डिजिटल अरेस्ट से साइबर बुलिंग तक, छात्रों को बताए ऑनलाइन सुरक्षा के तरीके

राजकीय इंटर कॉलेज उरई में साइबर सेल ने चलाया जागरूकता अभियान

संवाददाता
उरई/जालौन

उरई। भारत सरकार के साइबर जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज, उरई में साइबर सेल पुलिस कार्यालय की टीम ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। अभियान के दौरान डिजिटल अरेस्ट स्कैम, साइबर बुलिंग, साइबर ग्रूमिंग समेत महिला संबंधी साइबर अपराधों की जानकारी दी गई और उनसे बचाव के उपाय बताए गए।

साइबर सेल के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन लेनदेन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, पासवर्ड अथवा बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा न करें। साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध संदेशों का जवाब देने से बचने की अपील की गई।

विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने के साथ ही अनजान लोगों से ऑनलाइन बातचीत करते समय सावधानी बरतने के बारे में भी समझाया गया। अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट या साइबर बुलिंग का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें और उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित रखें।

अभियान के दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराध की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने तथा cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और सावधानी ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित, सतर्क और जिम्मेदार व्यवहार के प्रति जागरूक करना रहा।

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