संवाददाता | कानपुर देहात
जनपद कानपुर देहात में भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं जल संसाधनों के सतत प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट कपिल सिंह की अध्यक्षता तथा मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जनपद में भूजल स्तर की वर्तमान स्थिति, वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), भूजल संरक्षण, जल पुनर्भरण (रीचार्ज) तथा जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जनपद में संचालित योजनाओं की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया तथा भूजल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी कपिल सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर में गिरावट को रोकने के लिए प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करे तथा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को अधिक से अधिक सरकारी भवनों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों तथा अन्य सार्वजनिक परिसरों में स्थापित कराया जाए, ताकि वर्षा के जल का अधिकतम संचयन एवं भूजल पुनर्भरण सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही अधिक भूजल दोहन वाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी कर आवश्यकतानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि आमजन को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसकी प्रत्येक बूंद का संरक्षण वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, नगर निकायों तथा सामाजिक संगठनों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
बैठक में समिति के समक्ष प्राप्त विभिन्न आवेदनों एवं प्रस्तावों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी प्रस्तावों का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, उपायुक्त उद्योग प्रभात यादव, अधिशासी अभियंता (जल निगम) सहित भूगर्भ जल, सिंचाई, पंचायतीराज, कृषि, उद्योग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्भरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि जनपद में जल संकट की संभावनाओं को कम किया जा सके और भविष्य के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।