संचारी रोगों के खिलाफ जागरूकता रैली को जनप्रतिनिधियों और डीएम ने दिखाई हरी झंडी, स्वच्छता व समय पर उपचार का दिया संदेश
संवाददाता
उरई/जालौन
जनपद जालौन में संचारी रोगों की रोकथाम और आमजन को जागरूक करने के लिए गुरुवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तृतीय चरण का शुभारंभ किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर से निकाली गई जागरूकता रैली को सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी एवं जिलाधिकारी समीर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी ने अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों को संचारी रोग नियंत्रण की शपथ दिलाकर की। रैली के माध्यम से लोगों को स्वच्छता अपनाने, जलभराव रोकने, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय से उपचार कराने का संदेश दिया गया।
स्वच्छता और जागरूकता से रोकी जा सकती हैं बीमारियां
सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने लोगों से घरों और आसपास साफ-सफाई रखने, पानी जमा न होने देने तथा बुखार या बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर जांच और उपचार कराने की अपील की।
जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी ने जलभराव एवं गंदगी की रोकथाम पर जोर देते हुए लोगों से अपील की कि वे गांव और मोहल्लों में पहुंचने वाली आशा एवं एएनएम कार्यकत्रियों का सहयोग करें। साथ ही उनके द्वारा दी जा रही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को परिवार एवं आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
‘बुखार को हल्के में न लें, समय पर कराएं इलाज’
जिलाधिकारी समीर ने कहा कि अभियान की सफलता जनसहभागिता पर निर्भर है। उन्होंने नागरिकों से घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, गंदा पानी जमा न होने देने तथा मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को समाप्त करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि बुखार अथवा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाकर चिकित्सकीय जांच एवं उपचार कराया जाए। समय पर उपचार मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच.एन. प्रसाद ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 से 31 अक्टूबर 2026 तक तथा दस्तक अभियान 12 से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर संचारी रोगों, दिमागी बुखार समेत विभिन्न बीमारियों के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी देंगे।
अभियान के दौरान संबंधित विभाग अपने दायित्वों के अनुसार विभिन्न गतिविधियां संचालित करेंगे। लोगों को स्वच्छता, जलभराव की रोकथाम, मच्छरों से बचाव तथा बीमारी के लक्षण सामने आने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डॉ. जे.जे. राम, डॉ. एस.के. पाल, डॉ. वीरेन्द्र सिंह, डॉ. ए.पी. वर्मा, डॉ. अरविन्द भूषण, डॉ. उमेश कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी चन्द्रशेखर, डॉ. नरेश कुमार वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग, रेडक्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारी, सदस्य एवं अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।