जनसुनवाई में जिलाधिकारी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

उरई/जालौन। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित जनसुनवाई के दौरान दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जनसुनवाई के दौरान ग्राम मोहम्मदपुर निवासी पुष्पा देवी ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह पिछले दो वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और इलाज में काफी धन खर्च हो चुका है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनका कच्चा मकान भी जर्जर हो गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच कराई जाए और पात्रता पाए जाने पर महिला को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाए।

इसी क्रम में ग्राम सैदनगर के प्रधान सीताराम ने प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की कि ग्राम में तैनात लेखपाल काश्तकारों के कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं, जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा उप जिलाधिकारी उरई को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित लेखपाल के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।

जनसुनवाई में ग्राम खेरे निवासी प्रीती ने बताया कि उनके पति की लगभग दो वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है और उनकी तीन बेटियां अन्नू (9 वर्ष), निधि (6 वर्ष) और नंदनी (2 वर्ष) हैं, जिनके पालन-पोषण में कठिनाई हो रही है। इसी प्रकार ग्राम नौरेजपुर निवासी शिखा ने बताया कि उनके पति की छह माह पूर्व मृत्यु हो गई है और उनकी तीन बेटियां प्रगति सिंह (13 वर्ष), अवनी (9 वर्ष) और मानवी (7 वर्ष) हैं, जिनकी शिक्षा और पालन-पोषण के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि इन सभी बेटियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत लाभान्वित किया जाए। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को प्रति लाभार्थी 2500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

साथ ही जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि बेटियों की बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनका प्रवेश कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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