कानपुर देहात, 14 मार्च 2026।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के क्रम में शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर, कानपुर देहात में राष्ट्रीय लोक अदालत एवं आर्बिट्रेशन की विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री रवीन्द्र सिंह द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्रीमती कल्पना, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण श्रीमती शाज़िया नज़र जैदी, जनपद के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी अकबरपुर, अधिवक्तागण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नूपुर श्रीवास्तव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।
माननीय जनपद न्यायाधीश ने अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के लिए अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए लोक अदालत को सफल बनाने का आह्वान किया।
लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों द्वारा बड़ी संख्या में वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वारा 95 वादों में से 85 का निस्तारण किया गया तथा 33 वैवाहिक जोड़ों को साथ-साथ रहने के लिए विदा किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 180 वादों में से 101 का निस्तारण करते हुए 8,92,16,650 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 11,811 वाद लगाए गए, जिनमें से 3,140 वादों का निस्तारण किया गया तथा 2,71,000 रुपये की वसूली की गई। इसके अतिरिक्त अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सहित विभिन्न न्यायालयों में भी सैकड़ों वादों का निस्तारण करते हुए अर्थदंड एवं क्षतिपूर्ति की राशि वसूल की गई।
जनपद में संचालित बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा रिकवरी से संबंधित 12,146 वाद लगाए गए, जिनमें से 1,380 वादों का निस्तारण करते हुए 13,21,76,728 रुपये की बैंक रिकवरी की गई।
इसके अतिरिक्त जनपद की सभी 6 तहसीलों में भी लोक अदालत का आयोजन किया गया, जहां राजस्व एवं अन्य प्रकृति के 13,472 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं जनपद न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आने वाली कानपुर नगर की तहसील घाटमपुर और बिल्हौर में भी हजारों वादों का निस्तारण किया गया। सभी तहसीलों को मिलाकर कुल 28,379 वादों का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, व्यवहारिक वाद, उत्तराधिकार वाद, राजस्व वाद तथा लघु फौजदारी मामलों सहित विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया।
इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,55,577 वादों का निस्तारण किया गया तथा 22,40,01,725 रुपये की धनराशि अर्थदंड व क्षतिपूर्ति के रूप में वसूल एवं दिलाई गई।
माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष रवीन्द्र सिंह के निर्देशन एवं नूपुर श्रीवास्तव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल संचालन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान जनपद न्यायाधीश द्वारा विभिन्न विभागों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के पंडालों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।