उत्तर प्रदेश के 34 आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में 40 प्रशिक्षकों की होगी नियुक्ति, 12 अगस्त तक करें आवेदन
संवाददाता | उरई/जालौन
खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से खेल निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से प्रशिक्षक पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला क्रीड़ाधिकारी शैलेन्द्र कुशवाहा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए कुल 40 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की प्रशिक्षक के रूप में नियुक्ति की जाएगी।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के 34 आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में कुल 16 खेलों के लिए प्रशिक्षकों का चयन किया जाएगा। इनमें हॉकी, तैराकी, वॉलीबॉल, जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, कबड्डी, कुश्ती, बॉक्सिंग, हैंडबॉल, जूडो तथा तीरंदाजी शामिल हैं।
चयनित प्रशिक्षकों को 1.50 लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रदान किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन पत्र का प्रारूप जिला खेल कार्यालय, उरई (जालौन) से प्राप्त कर सकते हैं।
पात्रता
प्रशिक्षक पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक होना अनिवार्य है। खेल उपलब्धि के रूप में अभ्यर्थी ने ओलंपिक खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, विश्व कप अथवा विश्व चैंपियनशिप जैसे चार वर्षीय अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में प्रतिभाग किया हो तथा इसका प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
इसके अतिरिक्त पद्मश्री, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार अथवा ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी भी आवेदन करने के पात्र होंगे।
आवेदन की अंतिम तिथि
जिला क्रीड़ाधिकारी ने बताया कि इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 12 अगस्त 2026 तक अपना आवेदन निर्धारित प्रारूप में जमा कर सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया अथवा आवेदन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कार्यालय समय में जिला खेल कार्यालय, उरई (जालौन) से संपर्क कर सकते हैं।
यह पहल प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे खेल प्रतिभाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त होगा और राज्य में खेलों का स्तर और अधिक मजबूत होगा।