सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जिला कारागार उरई का साप्ताहिक निरीक्षण किया

संवाददाता – उरई/जालौन

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश श्री विरजेन्द्र कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में सचिव (पूर्णकालिक), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शम्भवी-प्रथम ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे के साथ दिनांक 31 जनवरी 2026 को जिला कारागार उरई का साप्ताहिक भ्रमण/निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कारागार की विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर वहां निरुद्ध बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना-समझा। इस अवसर पर जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के समय जेल प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि जिन बंदियों की जमानत सक्षम न्यायालय से स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन जमानतदार न होने के कारण वे रिहा नहीं हो पा रहे हैं, उनकी सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के कार्यालय में प्रेषित की जाए, ताकि उनके मामलों में प्रभावी पैरवी कराकर शीघ्र रिहाई सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, जिन बंदियों की आर्थिक स्थिति कमजोर है, उनकी जमानत राज्य की ओर से जिला अधिकार प्राप्त समिति जालौन के माध्यम से कराए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान कारागार चिकित्सालय में निरुद्ध बंदियों के संबंध में कारागार चिकित्साधिकारी से जानकारी ली गई। बंदियों को दी जा रही विधिक सहायता, मुकदमों की पैरवी, महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा, खान-पान एवं अन्य सुविधाओं की भी गहन समीक्षा की गई। बाल कारागार में निरुद्ध बंदियों से भी अलग-अलग जानकारी प्राप्त की गई।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बंदियों का कोई निजी अधिवक्ता नहीं है या जिनकी विधिक पैरवी विधिवत रूप से नहीं हो पा रही है, उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी विचाराधीन बंदी को सरकारी खर्च पर अधिवक्ता की आवश्यकता हो, तो संबंधित न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कराकर एमाइकस क्यूरी (न्यायमित्र) की सुविधा सुनिश्चित की जाए। इसी प्रकार, जिन बंदियों की दोषसिद्धि हो चुकी है और जिनकी अपील नहीं हो पाई है, उनकी नियमानुसार जेल अपील कराए जाने तथा समय-सीमा के भीतर निस्तारण के निर्देश दिए गए।

जिला कारागार स्थित लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया गया, जहां सभी अभिलेख संतोषजनक स्थिति में पाए गए। इसके साथ ही बंदियों से मिलने आने वाले उनके परिजनों को 22 फरवरी 2026 को आयोजित मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के संबंध में जानकारी देने हेतु जेल प्रशासन को निर्देशित किया गया।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री नीरज देव, कारापाल श्री प्रदीप कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल बर्मन, उपकारापाल श्री अमर सिंह एवं श्री रामलखन, तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के लिपिक श्री शुभम शुक्ला उपस्थित रहे।

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