खुरपका–मुंहपका रोग से बचाव हेतु प्राप्त हुईं 6.66 लाख से अधिक वैक्सीन
संवाददाता
कानपुर देहात
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में 22 जनवरी से 10 मार्च तक राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत खुरपका–मुंहपका (FMD) रोग से बचाव हेतु टीकाकरण अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के लिए जनपद को कुल 6 लाख 66 हजार 939 वैक्सीन प्राप्त हो चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि यह अभियान जनपद के 10 विकास खंडों में संचालित किया जाएगा, जिसमें आठ माह से अधिक आयु के गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। हालांकि, चार माह से कम आयु के बच्चों एवं गर्भित पशुओं को टीकाकरण से अलग रखा जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं के कान में टैग लगवाकर भारत पशुधन ऐप पर पंजीकरण कराने में पशुपालन विभाग की टीम का सहयोग करें। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा चयनित वैक्सीनेटर एवं पशु मित्र गांव-गांव जाकर पशुपालकों के द्वार पर निःशुल्क टीकाकरण करेंगे तथा पशुओं की पहचान के लिए टैगिंग की जाएगी।
यह टीकाकरण अभियान 22 जनवरी से 10 मार्च तक कुल 45 दिनों तक चलेगा। इस अवधि में 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) एवं 02 मार्च (होली) के सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर नियमित रूप से टीकाकरण कार्य किया जाएगा।
डॉ. सुबोध कुमार ने बताया कि खुरपका–मुंहपका एक अत्यंत घातक एवं वायरस जनित रोग है, जिसमें पशुओं को तेज बुखार आता है तथा मुंह और खुरों के बीच घाव हो जाते हैं। समय पर उपचार न होने पर घावों में कीड़े पड़ जाते हैं और रोग पानी, चारा एवं हवा के माध्यम से तेजी से फैलता है। इस बीमारी से पशु दूध देना बंद कर देता है, कार्यशील पशु निष्क्रिय हो जाता है तथा कई मामलों में छोटे पशुओं की मृत्यु तक हो जाती है।
उन्होंने कहा कि इसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए यह टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं पशुपालकों से अपील की कि वे खुरपका–मुंहपका टीकाकरण कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग प्रदान करें, ताकि जनपद को इस बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।