उरई/जालौन।
जनपद जालौन में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें न्यायालयों एवं जिला प्रशासन द्वारा कुल 2,36,804 मामलों का निस्तारण किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ माननीय जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। जनपद की सभी तहसीलों में स्थित दीवानी न्यायालयों में भी लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश सहित समस्त न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाम्भवी-प्रथम ने जानकारी देते हुए बताया कि माननीय जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। माननीय जिला जज द्वारा 25 मुकदमों का निस्तारण कर 1,00,45,416 रुपये की धनराशि पक्षकारों को दिलाई गई।
कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह गौतम द्वारा 24 मामलों का निस्तारण करते हुए भरण-पोषण से संबंधित मामलों का समाधान कराया गया, जबकि 5 वैवाहिक मामलों को प्री-लिटिगेशन स्तर पर निपटाया गया। अपर कुटुम्ब न्यायाधीश प्रवीण कुमार पाण्डेय द्वारा 45 मामलों का निस्तारण किया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार वशिष्ठ द्वारा 79 मामलों में बीमा कंपनियों से पीड़ित याचिकाकर्ताओं को 1,84,14,000 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। वहीं जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार द्वारा 10 मामलों का निस्तारण कर 45,52,133 रुपये की धनराशि दिलाई गई।
स्थायी लोक अदालत (पीयूएस) के अध्यक्ष राजवर्धन गुप्ता द्वारा 4 मामलों में सुलह कराकर पक्षकारों को विवाद से राहत दिलाई गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी सैकड़ों मामलों का निस्तारण कर पक्षकारों को त्वरित न्याय प्रदान किया गया।
लोक अदालत के दौरान जिले की विभिन्न बैंकों के बकाया ऋण से संबंधित 545 मामलों में समझौता कराया गया। इसके अलावा जिला प्रशासन, राजस्व न्यायालयों तथा विभिन्न विभागों द्वारा प्री-लिटिगेशन प्रकृति के 2,27,345 मामलों का निस्तारण किया गया।
इस प्रकार न्यायालयों एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,36,804 मामलों का निस्तारण करते हुए कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।