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बांग्लादेश सरकार और अडानी समूह के बीच हुए बिजली आपूर्ति समझौते को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार अडानी पावर द्वारा बांग्लादेश को दी जा रही बिजली की कीमतों में काफी बढ़ोतरी की गई है, जिससे बांग्लादेश में राजनीतिक और आर्थिक हलकों में चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि बांग्लादेश सरकार ने एक समीक्षा समिति गठित की है, जो भारत की अडानी कंपनी के साथ हुए बिजली आपूर्ति समझौते की शर्तों की जांच कर रही है। यह समझौता बांग्लादेश की कुल बिजली आवश्यकता का लगभग 10 प्रतिशत पूरा करता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) ने बिजली खरीद दरों पर आपत्ति जताई है। आरोप है कि अडानी से खरीदी जा रही बिजली की कीमत अन्य स्रोतों की तुलना में करीब 50 प्रतिशत अधिक है, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता पूर्ववर्ती शेख हसीना सरकार के कार्यकाल में किया गया था। वर्तमान सरकार अब इस सौदे की शर्तों की समीक्षा कर रही है, ताकि उपभोक्ताओं पर बढ़ते बिजली खर्च का दबाव कम किया जा सके।
हालांकि, इस पूरे मामले पर अडानी समूह की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि समीक्षा का उद्देश्य जनहित में बिजली दरों को संतुलित करना है।