जालौन में ‘हर घर जल’ योजना को मिलेगी रफ्तार, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने और सुबह-शाम नियमित जलापूर्ति पर जोर, संतृप्त घोषित गांवों का होगा भौतिक सत्यापन

संवाददाता
उरई/जालौन।

जल जीवन मिशन के तहत संचालित ‘हर घर जल’ योजना को गति देने के लिए जिलाधिकारी समीर ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

जिलाधिकारी ने मेसर्स जीबीपीआर लिमिटेड और बीजीसीसी लिमिटेड को मैनपावर और मशीनरी बढ़ाकर निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद की तीनों सतही स्रोत आधारित पेयजल योजनाओं के सभी घटकों और संरचनाओं का कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराने को कहा, ताकि लोगों को जल्द सुचारु जलापूर्ति का लाभ मिल सके।

सत्यापन में मिली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि ‘हर घर जल’ योजना के तहत संतृप्त घोषित गांवों के भौतिक सत्यापन के दौरान कुछ कमियां सामने आई हैं। इनमें गांव के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचना और कुछ घरों में जल कनेक्शन उपलब्ध नहीं होना शामिल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए और प्रत्येक घर तक पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

सुबह-शाम नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर

डीएम ने प्रत्येक ग्राम में निर्धारित रोस्टर के अनुसार सुबह और शाम नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पेयजल की गुणवत्ता, क्लोरीनेशन, जलापूर्ति के दबाव और कनेक्शनों की स्थिति की नियमित जांच करने को कहा। जिन गांवों में जलापूर्ति शुरू हो चुकी है, वहां ‘हर घर जल’ प्रमाणन की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए गए।

रिसाव और सड़क मरम्मत के लिए गठित होगी विशेष टीम

जिलाधिकारी ने जलापूर्ति के दौरान होने वाले रिसाव और सड़क मरम्मत (रोड रेस्टोरेशन) से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया। उन्होंने इन समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण के लिए विशेष टीम गठित करने और मरम्मत कार्य निर्धारित समय में पूरा कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से गांवों में मौके पर पहुंचकर जल कनेक्शन, पानी के दबाव, क्लोरीनेशन, रिसाव और अंतिम छोर तक जलापूर्ति की स्थिति का भौतिक सत्यापन करने को कहा। साथ ही, निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिशासी अभियंता अचल गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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