मतदाता सूची में छोटी गलती से नहीं छिनेगा मतदान का अधिकार, पहचान सुनिश्चित होने पर डाल सकेंगे वोट

जिला निर्वाचन अधिकारी समीर ने अधिकारियों को दिए निर्देश, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन के मतदान को लेकर जारी किए दिशा-निर्देश

संवाददाता
उरई/जालौन।

इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन-2026 में मतदाता सूची की छोटी-मोटी लिपिकीय या मुद्रण संबंधी त्रुटियां किसी भी पात्र मतदाता के मतदान के अधिकार में बाधा नहीं बनेंगी। यदि मतदाता की पहचान सुनिश्चित हो जाती है, तो ऐसी मामूली त्रुटियों के बावजूद उसे मतदान करने की अनुमति दी जा सकेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी समीर ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान के दौरान यदि किसी मतदाता के नाम, विवरण या अन्य प्रविष्टियों में लिपिकीय अथवा मुद्रण संबंधी त्रुटियां पाई जाती हैं, तो केवल इसी आधार पर उसे मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा। मतदाता की पहचान सुनिश्चित करना और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदान प्रक्रिया संपन्न कराना प्राथमिकता होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान केंद्र पर यदि पीठासीन अधिकारी अथवा मतदान अधिकारी मतदाता द्वारा प्रस्तुत अनुमन्य दस्तावेजों या मतदाता सूची में दर्ज अन्य विवरणों के आधार पर उसकी पहचान से संतुष्ट हो जाता है, तो छोटी-मोटी त्रुटियों को नजरअंदाज करते हुए उसे मताधिकार का प्रयोग करने दिया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि नाम या विवरण में मामूली लिपिकीय अथवा मुद्रण संबंधी गलतियों के कारण किसी भी पात्र मतदाता को उसके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न होना पड़े।

मतदान से जुड़ी जरूरी बात: मतदाता सूची में मामूली गलती होने पर भी मतदान का अवसर मिल सकता है, लेकिन इसके लिए मतदाता की पहचान सुनिश्चित होना आवश्यक है। अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग के लागू निर्देशों के अनुसार लिया जाएगा।

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