पंजीकृत चिकित्सक नदारद, अप्रशिक्षित स्टाफ करता मिला मरीजों का उपचार; तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण
संवाददाता
कानपुर देहात।
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। रानियां स्थित वंदना नर्सिंग होम के औचक निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आने पर विभाग ने संस्थान के संचालक को नोटिस जारी किया है। संचालक को तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नर्सिंग होम का पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, कानपुर देहात की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान अस्पताल में कोई भी पंजीकृत चिकित्सक उपस्थित नहीं मिला। वहीं, एक महिला स्टाफ सदस्य मरीजों का उपचार करती हुई पाई गई, जिसे नोटिस में अप्रशिक्षित बताया गया है।
निरीक्षण के दौरान जैव चिकित्सा अपशिष्ट (बायोमेडिकल वेस्ट) के निस्तारण में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। नोटिस के मुताबिक, अस्पताल में जैव चिकित्सा अपशिष्ट का रखरखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा, कचरे के पृथक्करण के लिए आवश्यक कलर कोडेड डस्टबिन भी नहीं मिले। टॉयलेट में गंदगी और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था का अभाव भी पाया गया।
तीन दिन में देना होगा स्पष्टीकरण
स्वास्थ्य विभाग ने निरीक्षण में मिली कमियों को गंभीरता से लेते हुए नर्सिंग होम संचालक को नोटिस जारी किया है। इसमें नोटिस प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर नियमानुसार संस्थान का पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसकी जिम्मेदारी संस्थान संचालक की होगी।
यह नोटिस नर्सिंग होम पंजीकरण एवं झोलाछाप से संबंधित नोडल अधिकारी की ओर से जारी किया गया है। इसकी प्रतिलिपि जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कानपुर देहात को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
निजी स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी पर उठे सवाल
नर्सिंग होम में निरीक्षण के दौरान मिली खामियों ने निजी स्वास्थ्य संस्थानों में पंजीकृत चिकित्सकों की उपलब्धता, प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती, जैव चिकित्सा अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण और स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि संचालक की ओर से दिए जाने वाले स्पष्टीकरण के बाद स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है।