संवाददाता
उरई/जालौन
उरई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के लिए राहत की खबर है। निदेशक, समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश लखनऊ के 16 सितंबर 2026 के पत्र के क्रम में लंबित प्रकरणों के निस्तारण एवं पात्र छात्रों को भुगतान का लाभ दिलाने के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल खोलने की समय-सारिणी जारी की गई है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि शिक्षण संस्थाओं से आवेदन अग्रसारित न होने, पीएफएमएस के माध्यम से आवेदन रिजेक्ट होने तथा अन्य कारणों के चलते कई छात्र छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लाभ से वंचित रह गए थे। ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित शिक्षण संस्थाओं एवं विश्वविद्यालयों को आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।
जारी समय-सारिणी के अनुसार शिक्षण संस्थाओं द्वारा मास्टर डाटा तैयार करने के साथ पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रम के प्रकार, कुल सीटों की संख्या, निर्धारित शुल्क तथा एफिलियेटिंग एजेंसी/विश्वविद्यालय से संबंधित सूचनाओं को अंकित एवं अद्यतन कर डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित करने की प्रक्रिया 1 से 20 सितंबर 2026 तक निर्धारित की गई थी।
वहीं, संबंधित विश्वविद्यालय अथवा एफिलियेटिंग एजेंसी के नोडल अधिकारी द्वारा शिक्षण संस्था, पाठ्यक्रम, सीटों की संख्या, फीस आदि का ऑनलाइन सत्यापन 2 से 21 सितंबर 2026 तक किया जाना है। विश्वविद्यालय अथवा एफिलियेटिंग एजेंसी द्वारा रिजल्ट अपडेट करने की समयावधि भी 3 से 21 सितंबर 2026 तक निर्धारित की गई है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार छात्रों द्वारा ऑनलाइन आवेदन में की गई त्रुटियों को शिक्षण संस्थान स्तर से 24 से 26 सितंबर 2026 तक ठीक किया जाएगा। इसके बाद शिक्षण संस्थाओं द्वारा अपात्र छात्रों के आवेदन निरस्त किए जाएंगे, जबकि पात्र छात्रों के आवेदन ऑनलाइन सत्यापित कर 24 से 28 सितंबर 2026 तक अग्रसारित किए जाएंगे।
उन्होंने संबंधित शिक्षण संस्थाओं से निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सभी आवश्यक कार्रवाई समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र एवं वंचित छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ दिलाया जा सके।