दिव्यांग छात्राओं को मिलेगी ई-ट्राईसाइकिल, ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

16 वर्ष या उससे अधिक उम्र की अध्ययनरत दिव्यांग छात्राएं योजना के लिए कर सकती हैं आवेदन, अधिकतम 65 हजार रुपये तक की धनराशि अनुमन्य

संवाददाता / उरई-जालौन

उरई, 15 सितंबर 2026। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा दिव्यांग छात्राओं के शैक्षिक पुनर्वासन के उद्देश्य से ई-ट्राईसाइकिल योजना संचालित की गई है। योजना के तहत जनपद जालौन में निवासरत ऐसी दिव्यांग छात्राएं, जिनकी उम्र 16 वर्ष या उससे अधिक है और जो किसी स्कूल, कॉलेज, शिक्षण अथवा प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत हैं, लाभ के लिए आवेदन कर सकती हैं।

उन्होंने बताया कि कई दिव्यांग छात्राओं को दैनिक कक्षाओं के साथ-साथ लाइब्रेरी, लैब, हॉस्टल आदि स्थानों तक आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसी छात्राओं को सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने तथा उनकी शिक्षा को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से ई-ट्राईसाइकिल प्रदान की जानी है।

अधिकतम 65 हजार रुपये तक की धनराशि अनुमन्य

जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के अनुसार इस योजना के अंतर्गत प्रति ई-ट्राईसाइकिल अधिकतम 65,000 रुपये की धनराशि अनुमन्य की गई है। योजना का उद्देश्य पात्र दिव्यांग छात्राओं को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी शिक्षा में आने वाली परिवहन संबंधी कठिनाइयों को कम करना है।

इन दिव्यांगताओं से ग्रसित छात्राएं होंगी पात्र

योजना के अंतर्गत ऐसी दिव्यांग छात्राएं पात्र होंगी जो मस्क्यूलर डिस्ट्रोफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, हीमोफिलिया आदि से ग्रसित हों। इसके साथ ही छात्रा की दृष्टि एवं मानसिक स्थिति अच्छी होनी चाहिए तथा कमर का ऊपरी भाग स्वस्थ होना चाहिए, जिससे वह ई-ट्राईसाइकिल चलाने में सक्षम हो।

दिव्यांगता का प्रमाण दिव्यांग प्रमाण-पत्र अथवा यूडीआईडी कार्ड के माध्यम से कार्यालय मुख्य चिकित्साधिकारी, जालौन स्थान उरई द्वारा प्रमाणित होना आवश्यक है।

आय एवं पूर्व में योजना का लाभ लेने से संबंधित शर्तें

योजना का लाभ ऐसी दिव्यांग छात्राओं को दिया जाएगा जिनके परिवार आयकरदाता श्रेणी में नहीं आते हों। योजना में गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों को प्रथम वरीयता प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा उन्हीं पात्र दिव्यांग छात्राओं को योजना का लाभ दिया जाएगा, जिन्हें विगत पांच वर्ष की अवधि में किसी भी स्रोत से ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त नहीं हुई हो।

अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र जरूरी

ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त करने के लिए छात्रा का किसी शिक्षण अथवा प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत होना प्रमाणित करना अनिवार्य होगा। इसके लिए संबंधित शिक्षण/प्रशिक्षण संस्थान से अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र आवेदन के साथ उपलब्ध कराना होगा।

विभागीय वेबसाइट पर कर सकेंगी ऑनलाइन आवेदन

योजना का लाभ प्राप्त करने की इच्छुक पात्र दिव्यांग छात्राएं विभागीय वेबसाइट www.hwd.uphq.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

योजना से संबंधित पात्रता, आवेदन एवं अन्य जानकारी के लिए इच्छुक छात्राएं जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय, कलेक्ट्रेट कैम्पस, डीपीआरओ भवन, उरई में उपस्थित होकर भी जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। विभाग ने पात्र दिव्यांग छात्राओं से योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने की अपील की है।

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