पुलिस की पहल से पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान, काउंसलिंग के जरिए परिवारों में संवाद और विश्वास बढ़ाने का प्रयास
संवाददाता / कानपुर देहात
कानपुर देहात। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में रविवार को जनपद के सभी सर्किल स्तर पर “परिवार जागृति” विकेन्द्रीकृत परिवार परामर्श केंद्रों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में दोनों पक्षों की निष्पक्ष, संवेदनशील एवं धैर्यपूर्ण काउंसलिंग के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कर परिवारों को टूटने से बचाना रहा।
परिवार जागृति केंद्रों में पारिवारिक विवादों से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों से बातचीत की गई। प्रशिक्षित महिला परामर्शदाताओं, महिला सुरक्षा दल एवं संबंधित पुलिस अधिकारियों ने पक्षकारों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आपसी संवाद, समझ एवं सहमति के आधार पर विवादों का स्थायी समाधान कराने का प्रयास किया।
पांच स्थानों पर आयोजित हुए परिवार परामर्श केंद्र
जनपद के सर्किल अकबरपुर (पुलिस लाइन), सर्किल रसूलाबाद (थाना शिवली), सर्किल डेरापुर (थाना डेरापुर), सर्किल भोगनीपुर (थाना भोगनीपुर) तथा सर्किल सिकंदरा (थाना सिकंदरा) में परिवार जागृति केंद्र आयोजित किए गए।
इन केंद्रों पर पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में संबंधित पक्षों की काउंसलिंग की गई। परामर्श के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी मतभेद दूर करने, संवाद स्थापित करने और परिवार में विश्वास एवं आपसी समझ कायम करने पर विशेष जोर दिया गया।
7 परिवारों में आपसी सहमति से हुआ समझौता
कार्यक्रम के दौरान सर्किल अकबरपुर में 03 परिवारों, सर्किल रसूलाबाद में 01 परिवार, सर्किल भोगनीपुर में 01 परिवार तथा सर्किल सिकंदरा में 02 परिवारों के बीच आपसी सहमति से समझौता कराया गया। इस प्रकार कुल 07 परिवारों को पुनः एक सूत्र में जोड़ते हुए उनके पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया गया।
वहीं, जिन प्रकरणों में तत्काल समाधान नहीं हो सका, उनमें प्रभावी काउंसलिंग करते हुए पक्षकारों को आवश्यक समझाइश दी गई तथा आगे की सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित की गई।
परिवारों में संवाद और विश्वास मजबूत करने पर जोर
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशों के क्रम में परिवार जागृति विकेन्द्रीकृत परिवार परामर्श केंद्रों के माध्यम से पारिवारिक विवादों का त्वरित, संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण से समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस का उद्देश्य केवल विवादों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि परिवारों के बीच संवाद, आपसी विश्वास और समझ को मजबूत करना भी है, जिससे पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाकर सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया जा सके।