सैम बच्चों की स्क्रीनिंग और पोषण ट्रैकर फीडिंग में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई, खराब प्रगति वाले अधिकारियों को चेतावनी
संवाददाता / उरई-जालौन
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति एवं कन्वर्जेन्स विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पोषण संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और सभी पात्र लाभार्थियों को निर्धारित समय पर योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में राष्ट्रीय पोषण माह-2026, सम्भव अभियान-6.0, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा पोषण ट्रैकर पर फीडिंग, एनआरसी में बच्चों का संदर्भन, आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण तथा सामुदायिक गतिविधियों के आयोजन सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 09 सितंबर से 08 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत निर्धारित सभी गतिविधियां तय कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र, विकासखंड एवं जनपद स्तर पर प्रभावी ढंग से आयोजित की जाएं। उन्होंने इन गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी मिल सके।
सैम बच्चों की स्क्रीनिंग में लापरवाही पर अधिकारियों को चेतावनी
सम्भव अभियान के अंतर्गत ई-कवच पोर्टल पर सैम (गंभीर रूप से कुपोषित) बच्चों की स्क्रीनिंग एवं दवा वितरण की समीक्षा के दौरान खराब प्रगति मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कोंच, कुठौन्द, डकोर, माधौगढ़ एवं कदौरा परियोजनाओं के बाल विकास परियोजना अधिकारियों को चेतावनी निर्गत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पोषण ट्रैकर फीडिंग में खराब प्रगति पर जताई नाराजगी
आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सामुदायिक गतिविधियों के आयोजन एवं पोषण ट्रैकर पर फीडिंग की समीक्षा के दौरान कुठौन्द, महेवा, रामपुरा एवं कदौरा परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा में लक्ष्य के सापेक्ष सबसे खराब प्रगति वाले तीन प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि किए जाने तथा अन्य सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को चेतावनी निर्गत करने के निर्देश दिए गए।
आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 85 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष कम से कम 85 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं मुख्य सेविकाएं प्रतिदिन पूर्वाह्न 8 बजे से अपराह्न 2 बजे के मध्य आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान विभागीय गतिविधियों के साथ-साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण स्कूल पूर्व शिक्षा उपलब्ध कराए जाने की भी समीक्षा की जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित सभी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी एचएन प्रसाद, जिला पंचायतराज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी, उपायुक्त स्वतः रोजगार, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएं एवं विभागीय कार्मिक उपस्थित रहे।