कानपुर। उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कानपुर के गुड़ियाखेड़ा चौराहा स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान में टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के सहयोग से अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centre of Excellence) की स्थापना की जा रही है। यह परियोजना छात्रों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निर्माणाधीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निरीक्षण उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुँवर मानवेंद्र सिंह ने संबंधित अधिकारियों के साथ किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति का जायजा लिया और निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
मई 2027 तक पूरा होगा निर्माण कार्य
अधिकारियों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 86.38 करोड़ रुपये की लागत आएगी। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसे मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद प्रदेश के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
छात्रों को मिलेगा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में छात्रों को उद्योगों में उपयोग होने वाली नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), इंडस्ट्री 4.0, कंप्यूटर एडेड डिजाइन (CAD), कंप्यूटर एडेड मैन्युफैक्चरिंग (CAM), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य आधुनिक तकनीकी विषयों पर व्यावहारिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
रोजगार के अवसरों में होगी वृद्धि
इस परियोजना का उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना है। आधुनिक प्रयोगशालाओं और उन्नत उपकरणों से लैस यह सेंटर विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाएगा, जिससे उन्हें देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने में आसानी होगी।
तकनीकी शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
निरीक्षण के दौरान सभापति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सेंटर प्रदेश के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनेगा और “स्किल इंडिया” तथा “मेक इन इंडिया” जैसे अभियानों को भी मजबूती प्रदान करेगा।
परियोजना पूरी होने के बाद कानपुर का यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रदेश के प्रमुख तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों में शामिल होगा। इससे न केवल कानपुर बल्कि आसपास के जनपदों के हजारों छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश में औद्योगिक विकास और कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा को नई गति मिलेगी।