संवाददाता
कानपुर देहात
जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री कपिल सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याएं गंभीरतापूर्वक सुनीं। उन्होंने प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया। प्राप्त प्रार्थना पत्रों में राजस्व एवं भूमि विवाद, अवैध कब्जे, विकास कार्य, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क, पुलिस प्रशासन, नगर निकायों तथा अन्य जनहित से जुड़े मामलों की शिकायतें प्रमुख रूप से शामिल रहीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से परीक्षण करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए।
श्री कपिल सिंह ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आमजन और प्रशासन के बीच विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बनाए रखते हुए शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए, जिससे आम नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व एवं भूमि विवाद से संबंधित मामलों में राजस्व अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने तथा वास्तविक स्थिति का सत्यापन करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतों के संबंध में संबंधित विभागों को पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें। आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सुशासन की पहचान है और प्रत्येक अधिकारी की जवाबदेही है कि नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
जनसुनवाई के दौरान जनपद स्तरीय अधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी तथा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा करने, समयसीमा का कड़ाई से पालन करने तथा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने दोहराया कि जनसमस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण ही सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरी संवेदनशीलता के साथ उसका समाधान सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को न्यायपूर्ण एवं संतोषजनक प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध हो सकें।