संवाददाता, कानपुर देहात
पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में झूठी एवं भ्रामक सूचनाएं देकर पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मंगलपुर पुलिस ने छह व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार ग्राम घनश्यामपुर, चौकी कंचौसी क्षेत्र थाना मंगलपुर में दो पक्षों के बीच लंबे समय से आपसी विवाद चला आ रहा था। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के विरुद्ध डायल-112 पर लगातार झूठी एवं भ्रामक सूचनाएं देकर पुलिस को गुमराह कर रहे थे।
पुलिस जांच में पाया गया कि दिनांक 18 जून 2026 को मारपीट तथा 20 जून 2026 को मारपीट संबंधी तीन अलग-अलग झूठी सूचनाएं पुलिस को दी गई थीं। इसके बाद 22 जून 2026 को डायल-112 एवं 1090 पर लाठी-डंडों और गोली चलने की सूचना प्राप्त हुई।
सूचना मिलते ही थाना मंगलपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और गहन जांच की। जांच में गोली चलने की सूचना पूरी तरह असत्य एवं भ्रामक पाई गई। पुलिस ने पाया कि दोनों पक्ष आपसी विवाद के चलते निराधार शिकायतें कर रहे थे, जिससे पुलिस संसाधनों का अनावश्यक उपयोग हो रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मंगलपुर पुलिस ने छह व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
- गोरे पुत्र कृष्णकुमार, निवासी वार्ड संख्या-10, कंचौसी बाजार, थाना मंगलपुर, कानपुर देहात।
- रितेश यादव पुत्र रामखिलावन, निवासी वार्ड संख्या-10, कंचौसी बाजार, थाना मंगलपुर, कानपुर देहात।
- राममोहन सिंह पुत्र जीतवार सिंह, निवासी ग्राम सोंधेमऊ, थाना दिबियापुर, जनपद औरैया।
- राजेश कुमार पुत्र महावीर सिंह, निवासी ग्राम एवं थाना लालगंज, जनपद रायबरेली।
- श्रीकृष्ण पुत्र मानसिंह, निवासी ग्राम घनश्यामपुर, थाना मंगलपुर, कानपुर देहात।
- मानसिंह पुत्र मदनसिंह, निवासी ग्राम घनश्यामपुर, थाना मंगलपुर, कानपुर देहात।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
- उपनिरीक्षक सुनील कुमार सिसोदिया, चौकी प्रभारी कंचौसी
- कांस्टेबल खजान सिंह
- हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार
पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि डायल-112, 1090 एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं पर केवल वास्तविक घटनाओं की ही सूचना दें। झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करना दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।