गर्भवती महिलाओं और बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण पर जोर, संस्थागत प्रसव बढ़ाने के निर्देश
संवाददाता
कानपुर देहात
कानपुर देहात में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक सोमवार को मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गर्भवती महिलाओं और बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी स्वास्थ्य इकाइयों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करते हुए प्रत्येक गर्भवती महिला और बच्चे तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर जोर
जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने के लिए चिकित्सा अधीक्षकों एवं एमओआईसी को प्रभावी रणनीति तैयार कर कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को मिलने वाले भुगतान की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कराने को कहा।
बैठक के दौरान मातृ मृत्यु के मामलों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने प्रत्येक मामले के कारणों का गंभीरता से विश्लेषण करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय से पहचान तथा बेहतर रेफरल व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। आरसीएच पोर्टल पर सभी आवश्यक सूचनाओं एवं आंकड़ों को समय से अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।
आरबीएसके और टीबी अभियान की समीक्षा
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आरबीएसके टीमों को विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कमजोर, कुपोषित तथा विशेष स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने को कहा। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए डीएम ने गांव-गांव स्क्रीनिंग अभियान चलाकर संभावित टीबी मरीजों की पहचान करने तथा उन्हें तत्काल उपचार से जोड़ने के निर्देश दिए। वहीं आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाने को कहा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।
एक अक्टूबर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान
बैठक में बताया गया कि जनपद में संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 से 31 अक्टूबर तक तथा दस्तक अभियान 12 से 31 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नालियों की नियमित सफाई, जलभराव वाले स्थानों की पहचान, एंटी लार्वा का छिड़काव, फॉगिंग, स्वच्छता अभियान और व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया समेत अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
19 नवंबर से 7 दिसंबर तक चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान
बैठक में बताया गया कि जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 19 नवंबर से 7 दिसंबर तक चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अभियान शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध होगी कार्रवाई
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी एवं संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट समय से पोर्टल पर अपलोड करने तथा शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा अपेक्षित प्रगति न मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जय गोविन्द, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, एसीएमओ डॉ. सुखलाल वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष बाजपेयी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, बीएसए, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं सभी एमओआईसी उपस्थित रहे।