राजस्व वसूली में ढिलाई पर सख्त जिलाधिकारी, कम प्रगति पर अधिकारियों को चेतावनी

उरई/जालौन। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विभिन्न विभागों की प्रगति की गहन समीक्षा की। लक्ष्य के सापेक्ष कम राजस्व वसूली पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि वाणिज्यकर (जीएसटी) विभाग की वसूली गत वर्ष की उपलब्धि की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत कम है। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही जीएसटी, स्टाम्प, परिवहन तथा अन्य राजस्व विभागों को भी वसूली अभियान में तेजी लाने को कहा।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों द्वारा जारी आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जाए। इसमें लापरवाही पाए जाने पर तहसील जालौन, माधौगढ़, कोंच और कालपी के तहसीलदारों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा संबंधित उप जिलाधिकारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बड़े बकायेदारों के विरुद्ध अभियान चलाकर प्रभावी वसूली कार्रवाई की जाए और आवश्यक होने पर कुर्की की कार्रवाई भी की जाए, ताकि लंबित राजस्व की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित हो सके। वाणिज्य कर विभाग द्वारा प्रवर्तन कार्यों में शिथिलता पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जनपद में किसी भी स्तर पर कर अपवंचन (टैक्स चोरी) नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने प्रवर्तन अभियान तेज करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि एम-चेक गेट द्वारा काटे गए चालानों की वसूली में लापरवाही पाए जाने पर एआरटीओ प्रशासनिक, एआरटीओ प्रवर्तन, पीटीओ तथा खनन अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही उन्होंने उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि तीन वर्ष से अधिक पुराने राजस्व वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। साथ ही धारा-34 एवं धारा-116 के अंतर्गत लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को समयबद्ध न्याय मिल सके।

जिलाधिकारी ने सरकारी भूमि, तालाब, चारागाह तथा अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध प्रभावी एवं निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी कब्जे की शिकायत मिलने पर राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि जनपद के विकास कार्यों को गति देने और शासन के लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के लिए सभी विभाग पारदर्शिता, तत्परता और उत्तरदायित्व की भावना से कार्य करें तथा अधिकारी फील्ड में रहकर समस्याओं का समाधान करें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) योगेन्द्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा ब्याडवाल, सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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