विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 10 दिवसीय प्रशिक्षण के साथ मिलेगी टूलकिट, ऑनलाइन आवेदन शुरू
संवाददाता
उरई/जालौन
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत जनपद जालौन के पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण एवं टूलकिट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के अंतर्गत राजमिस्त्री, बढ़ई, नाई, मोची और कुम्हार ट्रेड के इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र ने बताया कि योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के साथ संबंधित ट्रेड में कार्य करने के लिए आवश्यक टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इच्छुक अभ्यर्थी 5 अक्टूबर 2026 तक विभागीय वेबसाइट www.msme.up.gov.in पर योजना का चयन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने कारीगरों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय से आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं।
ये हैं पात्रता की शर्तें
आवेदक उत्तर प्रदेश तथा संबंधित जनपद का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी आवश्यक है। योजना के लिए किसी शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं रखी गई है। एक परिवार से केवल एक सदस्य आवेदन कर सकता है। यहां परिवार से आशय पति-पत्नी से है।
आवेदन के साथ लगाने होंगे ये दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन के साथ आवेदक को पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पासबुक की छायाप्रति और आधार कार्ड उपलब्ध कराना होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
विभाग के अनुसार, साक्षात्कार के समय आवेदक को 10 रुपये के स्टाम्प पर शपथ पत्र देना होगा। इसमें यह प्रमाणित करना होगा कि उसने पिछले दो वर्षों में भारत सरकार अथवा प्रदेश सरकार की किसी अन्य योजना के तहत संबंधित उत्पाद की टूलकिट का लाभ नहीं लिया है।
विभाग ने पात्र पारंपरिक कारीगरों से अपील की है कि वे निर्धारित अंतिम तिथि 5 अक्टूबर 2026 से पहले ऑनलाइन आवेदन कर विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का लाभ उठाएं।