पॉक्सो कानून पर छात्रों को किया जागरूक, गुड टच-बैड टच की दी जानकारी

विधिक जागरूकता शिविर में बाल सुरक्षा, साइबर अपराध और कानूनी अधिकारों पर हुई चर्चा

संवाददाता
उरई/जालौन

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संचालित विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज, उरई में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट-2012, बाल सुरक्षा, कानूनी अधिकारों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी एवं विधिक योजनाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रत्यूष प्रकाश ने विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन दुर्व्यवहार कानून के तहत गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाते हुए व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार असहज, संदिग्ध या अनुचित महसूस हो तो बच्चे बिना डर या झिझक के तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करें। विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की घटना को छिपाने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति के सामने अपनी बात रखने के लिए भी प्रेरित किया गया।

साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी

सिविल जज जूनियर डिवीजन (महिलाओं के विरुद्ध अपराध) अनिरुद्ध सिंह ने आपात स्थिति में सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन नंबर 112 की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, निजी जानकारी और तस्वीरों को सुरक्षित रखने तथा साइबर अपराधों से बचाव के जरूरी उपाय बताए।

उन्होंने बताया कि जनपद न्यायालय परिसर जालौन, उरई स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस पर पहुंचकर विधिक सहायता एवं कानूनी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल-फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर भी कानूनी सहायता ली जा सकती है।

लोक अदालत और विधिक सेवाओं की दी जानकारी

शिविर का संचालन कर रहे पीएलवी महेश सिंह परिहार ने विद्यार्थियों को लोक अदालत, सुलह-समझौता केंद्र तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न कानूनी सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य पुनीत भारती ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के डीईओ दीपक नारायण, पीएलवी महेन्द्र कुमार मिश्रा, योगेन्द्र सिंह तखेले सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *