गुड टच-बैड टच का समझाया अंतर, उत्पीड़न छिपाने के बजाय खुलकर बोलने की अपील
संवाददाता
उरई/जालौन
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में अहिंसा दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को बृज कुंवर देवी एल्ड्रिच पब्लिक स्कूल, झांसी रोड उरई में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट-2012, बाल सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों तथा विभिन्न सरकारी एवं विधिक योजनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं सिविल जज सीडी श्रीमती शाम्भवी ने विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून के महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाते हुए व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार बच्चे को असहज, अनुचित या संदिग्ध महसूस हो तो उसे डरने या झिझकने के बजाय तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।
विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, गलत व्यवहार अथवा असहज अनुभव को छिपाने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति के साथ खुलकर साझा करना जरूरी है। जागरूकता के माध्यम से बच्चों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है पॉक्सो कानून
तहसील विधिक सेवा समिति उरई के अध्यक्ष एवं सिविल जज जूडि. श्री प्रत्यूष प्रकाश ने विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ यौन शोषण, यौन उत्पीड़न अथवा बाल पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों के मामलों में पॉक्सो एक्ट लागू होता है।
उन्होंने कानूनी सहायता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी मामले में फंसने अथवा अपने बचाव के लिए व्यक्ति को समय रहते अनुभवी अधिवक्ता से विधिक सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय, जनपद न्यायालय परिसर जालौन स्थान-उरई में कार्य दिवस के दौरान संपर्क कर विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर भी कानूनी सहायता ली जा सकती है।
इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
साइबर अपराध और सोशल मीडिया को लेकर भी किया जागरूक
विद्यालय के डायरेक्टर इंजी. अजय इटौरिया ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने विद्यालय में गठित पॉक्सो कमेटी के संबंध में विद्यार्थियों को जानकारी दी। साथ ही आपात स्थिति में 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन तथा 112 आपातकालीन नंबर का उपयोग करने के बारे में बताया।
डिजिटल युग में सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को देखते हुए विद्यार्थियों को निजी जानकारी एवं तस्वीरों को सुरक्षित रखने के प्रति भी जागरूक किया गया। साइबर अपराधों से बचाव के लिए सावधानी बरतने तथा सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।
विधिक जागरूकता कार्यक्रमों की भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा श्रीखंडे ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों और कानून के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डायरेक्टर इंजी. अजय इटौरिया ने कार्यक्रम में आए अतिथियों को पट्टिका एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन देवेश पाठक ने किया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से डीईओ दीपक नारायण, नीरज त्रिपाठी, सुनंदा यादव, दीक्षा, वंदना, ममता तोमर, प्रगति, अंकिता, गोविंद सिंह, डॉ. अनुज भदौरिया, पुरुषोत्तम, महेश कुशवाहा, अमर श्रीवास्तव, हनुमंत सिंह, अंकित, देवांश, जाविद, केके चतुर्वेदी, मनोज, अनिमेष सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं, पीएलवी महेश सिंह परिहार, महेन्द्र कुमार मिश्रा, धर्मेंद्र कुमार, योगेन्द्र सिंह तखेले तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।