जिला निर्वाचन अधिकारी समीर ने दी जानकारी, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को एफएलसी प्रक्रिया के अवलोकन के लिए अधिकृत करने का अनुरोध
संवाददाता / उरई-जालौन।
आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत जनपद जालौन में ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी समीर ने बताया कि प्रत्येक निर्वाचन से पूर्व निर्वाचन में उपयोग की जाने वाली ईवीएम एवं वीवीपैट की जांच एवं परीक्षण संबंधित निर्माता कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में किया जाता है। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार एफएलसी में मशीनों की भौतिक एवं कार्यात्मक जांच की जाती है और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में यह प्रक्रिया संपन्न की जाती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 में उपयोग की जाने वाली ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच 17 सितंबर 2026 से प्रतिदिन पूर्वाह्न 9 बजे से शाम 7 बजे तक ईवीएम-वीवीपैट एफएलसी हॉल, जिला निर्वाचन कार्यालय, कलेक्ट्रेट कंपाउंड, जालौन स्थान उरई में की जाएगी। यह प्रक्रिया कार्य समाप्ति तक जारी रहेगी।
जिला निर्वाचन प्रशासन ने की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं भारत निर्वाचन आयोग के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी कर ली गई हैं। एफएलसी प्रक्रिया की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी की जाती है।
भारत निर्वाचन आयोग के एफएलसी मैनुअल के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी एफएलसी प्रक्रिया के समग्र प्रभारी होते हैं तथा एफएलसी का कार्यक्रम ईवीएम निर्माता कंपनियों के साथ समन्वय से निर्धारित किया जाता है। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों को एफएलसी कार्यक्रम की सूचना देकर उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश भी निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
राजनीतिक दलों को प्रतिनिधि अधिकृत करने का अनुरोध
जिला मुख्यालय स्थित राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी एफएलसी प्रक्रिया के अवलोकन के लिए अपने प्रतिनिधियों को अधिकृत करने का अनुरोध किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में राजनीतिक दलों को 8 सितंबर 2026 एवं 10 सितंबर 2026 को लिखित रूप से अनुरोध भेजा गया था।
प्रशासन के अनुसार, उक्त अनुरोध पत्र की प्राप्ति के संबंध में संबंधित राजनीतिक दलों के राज्य मुख्यालयों द्वारा भी पुष्टि (Endorse) की जा चुकी है।
ईवीएम एवं वीवीपैट की एफएलसी की विस्तृत प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के Manual on Electronic Voting Machine and VVPAT में निर्धारित है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ईवीएम-वीवीपैट से संबंधित मैनुअल एवं अन्य जानकारी उपलब्ध है।