शैक्षणिक संस्थानों और महिला समूहों के माध्यम से शत-प्रतिशत मतदाता पंजीकरण का लक्ष्य
उरई/जालौन।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों के क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि जनपद में मतदाता सूची को अधिक समावेशी एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण–2026 के अंतर्गत व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना तथा 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग के पात्र युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है, क्योंकि इस वर्ग के बड़ी संख्या में मतदाता अभी भी सूची में शामिल नहीं हो सके हैं।
उन्होंने बताया कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों में मतदाता साक्षरता क्लबों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं को मतदान के अधिकार, नामांकन प्रक्रिया तथा लोकतंत्र में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं और चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
जिलाधिकारी ने बताया कि सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शैक्षणिक संस्थानों में विशेष शिविर आयोजित कर पात्र छात्र-छात्राओं से ऑनलाइन पोर्टल www.voters.eci.gov.in, ECINET मोबाइल ऐप या बूथ लेवल अधिकारी के माध्यम से ऑफलाइन घोषणा पत्र सहित फॉर्म-6 भरवाकर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल कराएं। जिन युवाओं की आयु 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उनका शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिनकी आयु 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूर्ण होगी, उनके फॉर्म-6 अग्रिम रूप से भरवाने की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची उपलब्ध है, जिससे घोषणा पत्र भरने में सहायता ली जा सकती है। इसकी प्रतिलिपि सभी बूथ लेवल अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं।
महिलाओं की सहभागिता पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 तक की मतदाता सूची की तुलना में 6 जनवरी 2026 को जारी आलेख्य सूची में महिलाओं का अनुपात घटा है। इससे स्पष्ट होता है कि गणना प्रपत्र न भरे जाने के कारण बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम छूट गए हैं। विशेष रूप से विवाह के बाद स्थान परिवर्तन के कारण कई महिलाएं अपने ससुराल क्षेत्र में पंजीकरण नहीं करा सकीं।
इस स्थिति को सुधारने के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़े महिला समूहों, स्वास्थ्य विभाग की आशा व एएनएम तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सुपरवाइजरों के सहयोग से नवविवाहित महिलाओं और किशोरियों का पंजीकरण कराया जाएगा। अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर घोषणा पत्र सहित फॉर्म-6 भरवाए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक पात्र महिलाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा सकें।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के चयन में महिलाओं की सक्रिय भूमिका लोकतंत्र को सशक्त बनाती है और यह अभियान महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी ने मीडिया से भी इस अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार का अनुरोध किया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि फॉर्म-6 भरवाने में लगे कार्मिकों को समुचित प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नामांकन से वंचित न रह सके।