द्वितीय चरण में दावे–आपत्तियों की सुनवाई व नए मतदाता पंजीकरण को लेकर अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
संवाददाता | उरई/जालौन
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)-2026 के अंतर्गत मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाए जाने के उद्देश्य से द्वितीय चरण की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संपन्न कराने हेतु जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) एवं अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के प्रथम चरण में 04 नवम्बर से 26 दिसम्बर 2025 तक गणना प्रपत्रों का वितरण एवं डिजिटलीकरण, ASDD मतदाताओं का चिन्हीकरण तथा वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग का कार्य पूर्ण किया गया। उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण की अवधि 06 जनवरी से 06 मार्च 2026 तक निर्धारित है, जिसमें नॉन-मैप्ड मतदाताओं की नोटिस पर सुनवाई, ASDD मतदाताओं एवं ड्राफ्ट मतदाता सूची पर प्राप्त दावों–आपत्तियों का निस्तारण तथा नए मतदाताओं का पंजीकरण किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने नोटिस सुनवाई की प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अनमैप्ड मतदाताओं को संबंधित ERO/AERO द्वारा नोटिस जारी की जाएगी, जिसमें सुनवाई की तिथि निर्धारित होगी। यह तिथि नोटिस निर्गत होने के न्यूनतम सात दिवस के पश्चात की होगी। सुनवाई के समय मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 मान्य दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, जिसे ERO/AERO के समक्ष अथवा पूर्व में BLO के माध्यम से जमा कराया जा सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तुत दस्तावेजों का स्वतंत्र सत्यापन कराया जाएगा तथा उसके आधार पर ही मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची में बनाए रखने अथवा हटाने का निर्णय लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि लोक सेवक को गलत सूचना देना भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है, जिसमें कारावास का प्रावधान है। वहीं, निर्वाचक नामावली से संबंधित किसी भी प्रकार की गलत घोषणा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अंतर्गत दंडनीय है, जिसमें कारावास, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। जाली, झूठे या भ्रामक दस्तावेज पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची पर प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण ERO/AERO द्वारा किया जाएगा। जिन मतदाताओं का नाम अक्टूबर 2025 की मतदाता सूची में था, लेकिन प्रथम चरण में ASDD होने के कारण ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो पाया है अथवा जिनके नाम, पता या अन्य विवरण में त्रुटि है, वे फार्म-6, फार्म-7 एवं फार्म-8 के माध्यम से संशोधन करा सकते हैं। फार्म-6 एवं फार्म-8 के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य होगा।
नए मतदाताओं के पंजीकरण के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि भारत के वे नागरिक, जो 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं अथवा 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूर्ण करने वाले हैं, वे फार्म-6 के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूर्ण करने वाले मतदाताओं का नाम विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की अंतिम मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं होगा, लेकिन आयु पूर्ण होने के बाद प्रकाशित होने वाली आगामी मतदाता सूची में उनका नाम जोड़ दिया जाएगा।
इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा ब्याडवाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।