संवाददाता — कानपुर देहात
नूतन वर्ष के पावन अवसर पर जनपद कानपुर देहात में शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच मानवता, सेवा और संवेदना का अनुकरणीय उदाहरण देखने को मिला। मंगलवार को भगवान परशुराम मंदिर, खानपुर खडंजा, रनिया परिसर में उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला एवं पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के तत्वावधान में “नया साल बुजुर्गों के साथ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत रनिया मंडल क्षेत्र के लगभग 10 हजार जरूरतमंद बुजुर्गों एवं वरिष्ठ नागरिकों को ठंड से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से गर्म कंबलों का वितरण किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल पर बुजुर्गों के लिए खिचड़ी एवं चाय की समुचित व्यवस्था भी की गई, जिससे उन्हें कड़ाके की ठंड में राहत मिल सके।
शीतलहर के बीच जब राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला एवं पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने स्वयं अपने हाथों से बुजुर्गों को कंबल प्रदान किए, तो जरूरतमंदों के चेहरों पर खुशी और संतोष स्पष्ट रूप से झलक उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि नया वर्ष सेवा, संवेदना और सामाजिक दायित्व के संकल्प का प्रतीक है। शीतलहर के इस कठिन समय में क्षेत्र की विधायक होने के नाते बुजुर्गों और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। सरकार और समाज मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी बुजुर्ग ठंड से पीड़ित न रहे। ऐसे सेवा कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।
पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनका सम्मान और सेवा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। “नया साल बुजुर्गों के साथ” कार्यक्रम के माध्यम से शीतलहर में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जो आगे भी सेवा और सहयोग की भावना के साथ निरंतर चलता रहेगा।
इस अवसर पर ऋषभ शुक्ला, गौरव शुक्ला, कृष्णा गौतम, महेश तिवारी, कमल शुक्ला, अरुण तिवारी, अंशु तिवारी, सुरेश बाबा, संजय पांडेय, सरमन तिवारी, धर्मेंद्र कुशवाहा, अरुण शर्मा, नितिन कुशवाहा, विवेक शर्मा, लालन शुक्ला, भागवत प्रसाद तिवारी, हरिओम द्विवेदी, राहुल उमा द्विवेदी, सीमा द्विवेदी, प्रतिभा बाजपेई, राजकुमारी पाल, नीतू पांडेय, आलोक कुशवाहा, आकाश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य नए वर्ष की शुरुआत सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी के भाव के साथ करना रहा। शीतलहर से प्रभावित क्षेत्रवासियों को राहत देने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।