बैरकों की सघन तलाशी में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली, प्रतिदिन अनिवार्य निरीक्षण के निर्देश
संवाददाता — उरई/जालौन
जनपद जालौन में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने जिला कारागार का सघन एवं औचक निरीक्षण कर सुरक्षा, व्यवस्था एवं अनुशासन की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कारागार की समस्त बैरकों की गहन तलाशी ली गई, जिसमें किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक अथवा प्रतिबंधित सामग्री नहीं पाई गई।
निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने जेल अधीक्षक को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि बैरकों की प्रतिदिन अनिवार्य रूप से गहन जांच कराई जाए तथा प्रत्येक निरीक्षण का अभिलेखीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, रसोईघर की स्वच्छता एवं आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि भोजन शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए तथा गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कारागार प्रशासन में अनुशासन, सुरक्षा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों को चौकसी बढ़ाने, नियमित सघन चेकिंग करने तथा कारागार परिसर में अनुशासन का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कारागार की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक श्री नीरज देव सहित कारागार के समस्त संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।