ईवीएम में 1.11 करोड़ वोटों की गुत्थी पर सियासत गरमाई, चुनाव आयोग ने दी सफाई

संवाददाता | लखनऊ

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनावों के बाद ईवीएम में दर्ज 1.11 करोड़ वोटों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा इस मुद्दे पर सवाल उठाए जाने के बाद निर्वाचन आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है।

चुनाव आयोग के अनुसार, प्रदेश में कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हैं। इनमें से 1.11 करोड़ का आंकड़ा किसी अतिरिक्त या फर्जी वोटिंग का नहीं, बल्कि ईवीएम डेटा, पोस्टल बैलेट और वैध मतों की गणना प्रक्रिया से जुड़ा तकनीकी पक्ष है। आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी आंकड़े निर्धारित नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दर्ज किए गए हैं।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से सवाल उठाते हुए कहा था कि ईवीएम में दर्ज वोटों और मतदाता सूची के आंकड़ों में अंतर संदेह पैदा करता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्वाचन आयोग ने कहा कि मतगणना में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है और सभी चरणों में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

आयोग ने यह भी बताया कि मतदान प्रतिशत, ईवीएम में पड़े वोट, पोस्टल बैलेट और अंतिम परिणामों के आंकड़े अलग-अलग स्तर पर संकलित होते हैं, जिनकी तुलना बिना तकनीकी समझ के भ्रम पैदा कर सकती है।

निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे आधिकारिक आंकड़ों और प्रक्रियाओं को समझते हुए बयान दें, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना रहे।

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