संवाददाता — उरई/जालौन
जनपद में दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उपकरण वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विकासखंड डाकोर स्थित बीआरसी मडोरा में आयोजित हुआ, जहां दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण वितरित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चन्द्रप्रकाश द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर जिला समन्वयक समेकित शिक्षा ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत एएलआईएमसीओ कानपुर के सहयोग से कुल 168 दिव्यांग बच्चों को 218 सहायक उपकरण एवं उपस्कर वितरित किए गए, जिससे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ दैनिक जीवन में भी सुविधा प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि दिव्यांगता किसी भी प्रकार से कमजोरी नहीं, बल्कि एक चुनौती है, जिसे आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अवसर में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज दिव्यांग बच्चे शिक्षा, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। उन्होंने बच्चों एवं उनके अभिभावकों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
एएलआईएमसीओ कानपुर की ओर से अब्दुल रहमान, प्रेरणा एवं मोहनलाल द्वारा बच्चों के चिन्हीकरण एवं उपकरण वितरण में सराहनीय सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन दीपक पाण्डेय एवं जिला समन्वयक समेकित शिक्षा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्पेशल एजुकेटर नीरज पांचाल, मनीष कुमार, ईश्वर चन्द्र पाल, जगत सिंह पाल, संदीप दीक्षित, कपूरी देवी, वर्षा बिश्नोई, रोहित कुमार, राजेश कुमार सहित अन्य संबंधित कार्मिकों का विशेष योगदान रहा।