बांग्लादेश में राजनीतिक उबाल: प्रधानमंत्री शेख हसीना ‘पांच मामलों’ में फँसीं, कोर्ट ने सुनवाई का दिया आदेश

ढाका/एजेंसी, 18 नवंबर। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानहानि और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े पांच मामलों की सुनवाई शुरू करने का आदेश एक अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण और पीएम को सभी कानूनी मामलों में दोषी ठहरा चुके एक पीएम कोर्ट ने दिया है। इस फैसले से बांग्लादेश की राजनीति में तनाव और हलचल बढ़ गई है।

शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने इस कदम को राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताते हुए अदालत के फैसले को अवैध करार दिया है।

📜 पांचों आरोपों का विवरण

फैसले में शेख हसीना पर मुख्य रूप से पांच अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं:

  1. पहला आरोप (गोली मारकर हत्या): शेख हसीना पर जुलाई 2023 में कोशुल की सुशिमा में 1400 लोगों को गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। यह मानहानि और उनकी पार्टी का दावा है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उन्हें झूठे आरोपों में फंसा रहे हैं।

  2. दूसरा आरोप (हत्या में सहयोग): इस आरोप में हेलीकॉप्टरों, ड्रोनों और घातक हथियारों के इस्तेमाल से छह प्रदर्शनकारियों की हत्या या उनके आत्मदाह में सहयोग प्रदान करने का आरोप है। यह आरोप तत्कालीन गृह मंत्री और पुलिस महानिरीक्षक ने अपनी अपील वापस लेने के बाद दर्ज किया है।

  3. तीसरा आरोप (भवन निर्माण के खिलाफ हत्या): तत्कालीन गृह मंत्री और पुलिस महानिरीक्षक पर रंगपुर बेगम विश्वविद्यालय के पास एक प्रदर्शनकारी छात्र की हत्या में सहयोग का आरोप है। यह आरोप प्रदर्शनकारी छात्र की खिलाफत के बावजूद हसीना द्वारा भवन निर्माण और अस्थाई मजदूरों पर आदेश देने से जुड़ा है।

  4. चौथा आरोप (गोली मारकर हत्या): हसीना पर पिछले 5 साल से अगस्त की अशूलिया में छह अन्य प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। यह मामला सुनवाई से पांच साल बाद सामने आया है।

  5. पांचवां आरोप (गोली मारकर हत्या): यह आरोप भी छह प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हत्या करने से संबंधित है। यह मामला गोलाबारी के पुराने मामले से जुड़ा है, जो बीते छह साल पुराना है।

बांग्लादेश में मीडिया सलाहकार जमाल चौधरी ने कहा है कि सरकार न्यायपालिका के फैसले पर टिप्पणी करेगी।

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