एजेंसी | जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर में मौजूदा आरक्षण नीति के खिलाफ छात्रों द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में नेताओं की भागीदारी को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस क्रम में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सहित कई राजनीतिक नेताओं को नजरबंद कर दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, महबूबा मुफ्ती, उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती, लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी, पीडीपी नेता वाएज आरिफ, श्रीनगर के मेयर जुनैद मट्टू सहित अन्य नेताओं को उनके-अपने आवासों पर नजरबंद किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन नेताओं द्वारा छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने और प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना थी।
प्रशासन ने बताया कि आरक्षण नीति को लेकर छात्रों द्वारा आयोजित विरोध मार्च को लेकर पहले ही शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका जताई गई थी। इस विषय पर सरकार द्वारा एक समिति का गठन भी किया गया था, किंतु समाधान न निकलने के कारण छात्रों के आह्वान पर आंदोलन की तैयारी की जा रही थी।
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्हें उनके आवास में नजरबंद किया गया है ताकि वे छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त न कर सकें। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार छात्रों की मांगों पर सुनवाई नहीं कर रही, तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकना किस प्रकार न्यायसंगत है।
उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में आरक्षण नीति को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है और यह मुद्दा अब गंभीर सामाजिक बहस का विषय बन चुका है।