बर्लिन। जर्मनी के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, लेफ्टिनेंट जनरल अलेक्जेंडर सोल्फ्रांक ने चेतावनी दी है कि रूस भविष्य में नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) के सदस्य देशों पर सीमित हमला कर सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस वर्तमान में यूक्रेन युद्ध में उलझा हुआ है और फिलहाल बड़े पैमाने पर कोई कदम उठाने की स्थिति में नहीं है।
जनरल सोल्फ्रांक ने कहा कि यदि रूस अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाता रहा, तो आने वाले वर्षों में वह नाटो के किसी सदस्य देश पर सीमित हमले का जोखिम उठा सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पश्चिमी देशों को इस संभावना के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने बताया कि रूस वर्तमान में यूक्रेन में अपनी युद्ध शक्ति को केंद्रित कर रहा है, लेकिन उसकी नौसेना और वायुसेना अभी भी काफी सक्षम हैं। रूस की सेना में लगभग 15 लाख सैनिक हैं और उसका लक्ष्य 2030 तक अपनी सैन्य क्षमता को और मजबूत बनाना है।
सोल्फ्रांक ने यह भी कहा कि रूस 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण से पहले लंबे समय तक अपनी सैन्य तैयारियों को गुप्त रूप से बढ़ा रहा था। इसी तरह, वह नाटो देशों पर हमला करने से पहले भी रणनीतिक तौर पर सीमित हमले की योजना बना सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि नाटो को रूस की दीर्घकालिक महत्वाकांक्षाओं और रक्षा नीति को हल्के में नहीं लेना चाहिए। नाटो देशों को 2029 तक अपनी सैन्य तैयारी को उच्चतम स्तर पर पहुंचाना होगा, ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके।