संवाददाता – कानपुर देहात
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत जनपद कानपुर देहात में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में बैंकर्स, स्टेकहोल्डर्स एवं डी०आर०पी० की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का परिचय प्राप्त करते हुए किया गया। इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के क्रियान्वयन में जनपद कानपुर देहात की प्रदेश स्तर पर सातवीं रैंक है।
जिला उद्यान अधिकारी ने योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक कुल 1454 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनके सापेक्ष 442 बैंक ऋण विभिन्न बैंकों द्वारा स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 406 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं।
अस्वीकृत आवेदनों में—
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स्टेट बैंक द्वारा 218 प्रस्तावों के सापेक्ष 117,
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बड़ौदा यू०पी० बैंक द्वारा 362 प्रस्तावों के सापेक्ष 105,
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बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 179 प्रस्तावों के सापेक्ष 82 आवेदन अस्वीकृत किए गए, जिसे मुख्य विकास अधिकारी द्वारा असंतोषजनक स्थिति बताया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने इस पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि अस्वीकृत आवेदकों की काउंसलिंग कराते हुए एक सप्ताह के भीतर तिथि निर्धारित कर बैंकों के साथ आमने-सामने बैठक आयोजित की जाए, ताकि आवेदनों पर पुनः स्वीकृति/अस्वीकृति का अंतिम निर्णय लिया जा सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि 1030 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 442 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 374 इकाइयों की स्थापना पूर्ण हो चुकी है तथा 65 इकाइयों की स्थापना प्रक्रिया प्रगति पर है।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा डी०आर०पी०-वार समीक्षा करते हुए यह पाया गया कि अंकित यादव, नेहा देवी एवं राकेश कुमार गुप्ता द्वारा कोई कार्य नहीं किया गया है, जिस पर उनकी सेवा समाप्त किए जाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में राकेश कुमार (अग्रणी जिला प्रबंधक), उमेश गुप्ता, प्रदीप कुमार, अनूप कुमार, अखिलेश कुमार अग्निहोत्री, निखा सचान सहित अन्य संबंधित अधिकारी, डी०आर०पी० एवं पटल सहायक रमेश चन्द्र कटियार उपस्थित रहे।