मतदेय स्थलों के संभाजन को लेकर राजनीतिक दलों के साथ बैठक सम्पन्न

जनपद कानपुर देहात | दिनांक : 06 नवम्बर 2025

1200 से अधिक मतदाताओं वाले स्थलों पर होगा पुनर्विचार — प्राप्त की जाएंगी आपत्तियां एवं सुझाव

जनपद में मतदेय स्थलों के संभाजन के उद्देश्य से आज माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों के पुनर्संयोजन एवं संभाजन के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में मतदेय स्थलों के संभाजन संबंधी गतिविधियों की निर्धारित तिथियों की जानकारी दी गई, जिसके अनुसार –

  • मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निधारण एवं नये मतदेय स्थलों हेतु भवनों का चिन्हांकन 29 अक्टूबर से 4 नवम्बर 2025 तक किया जाएगा।

  • राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रस्ताव तैयार करना 6 से 7 नवम्बर तक होगा।

  • मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन एवं आपत्तियों/सुझावों की प्राप्ति 10 नवम्बर को होगी।

  • शिकायतों व सुझावों के निस्तारण के पश्चात सूची को 18 नवम्बर तक अंतिम रूप दिया जाएगा।

  • तत्पश्चात प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को अनुमोदन हेतु 19 से 21 नवम्बर के बीच भेजे जाएंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा संभाजन संबंधी प्रस्ताव 24 नवम्बर को आयोग को अनुमोदनार्थ प्रेषित किए जाएंगे।

बैठक में बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1200 मतदाता निर्धारित किए गए हैं। 27 अक्टूबर 2025 की स्थिति के अनुसार जनपद में कुल 1577 मतदेय स्थल हैं —

  • 205-रसूलाबाद में 385

  • 206-अकबरपुर रनियां में 384

  • 207-सिकन्दरा में 405

  • 208-भोगनीपुर में 403

इनमें 1200 मतदाताओं के मानक के अनुसार अतिरिक्त 96 नये मतदेय स्थलों के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया तथा राजनीतिक दलों से आपत्तियां एवं सुझाव प्राप्त किए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मतदेय स्थलों का संभाजन भवनों के भौतिक सत्यापन के उपरांत ही किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि मतदाताओं के पते एवं नामावली का मिलान सुनिश्चित किया जाए ताकि एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग अनुभागों में न बंटें। साथ ही यह भी देखा जाए कि किसी मतदेय स्थल पर 300 से कम मतदाता होने पर कारण स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए।

अत्यधिक पुराने या जर्जर भवनों वाले मतदेय स्थलों को उपयुक्त स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि जिन स्थलों पर मतदाताओं को दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ती, वहां परिवर्तन की आवश्यकता नहीं होगी।

बैठक में आप पार्टी से रोहित यादव, समाजवादी पार्टी से डॉ. नरेंद्र सिंह, शेखू खान एवं बृजमोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी से श्यामू शुक्ला, कांग्रेस से गोविंद यादव, सीपीआई से राम औतार भारती तथा बसपा से ज्ञानचंद संखवार सहित उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार एवं सभी संबंधित ईआरओ/उपजिलाधिकारी उपस्थित रहे।

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