माधौगढ़-रामपुरा खरीद केंद्रों में ‘सिस्टम’ की खुली लूट: 2200 बोरे गायब, किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर

माधौगढ़ (जालौन)। सरकारी धान खरीद केंद्रों में “सिस्टम” ने ऐसा खेल किया है कि अब तक 2200 से ज्यादा बोरे धान गायब हो चुके हैं। माधौगढ़ में 1500 बोरे और रामपुरा में 700 बोरे का हिसाब ही नहीं मिल रहा।

क्या हुआ था?

  • दोनों केंद्रों पर किसानों का धान तौलकर गोदाम में रखा गया था
  • तौल के बाद कंप्यूटर में एंट्री हुई, लेकिन गोदाम में बोरे पहुँचे ही नहीं
  • जब किसानों ने हिसाब मांगा तो अफसरों ने पहले टालमटोल किया, फिर खाली गोदाम दिखाकर हाथ खड़े कर दिए

किसानों का आरोप “हमने दिन-रात मेहनत करके धान उगाया, तौल कराया, लेकिन अब बोल रहे हैं कि बोरे गायब हैं। यह पैसा सीधे अफसरों-दलालों की जेब में गया है।”

खुलासा कैसे हुआ? जिलाधिकारी को शिकायत मिलने के बाद जांच टीम बनी। जांच में सामने आया कि

  • माधौगढ़ में 1500 बोरे
  • रामपुरा में 700 बोरे कुल 2200 बोरे का कोई अता-पता नहीं।

अब तक की कार्रवाई

  • दोनों केंद्रों के प्रभारी, तौलदार और कंप्यूटर ऑपरेटर सस्पेंड
  • तीन तहसीलदारों और दो लेखपालों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी
  • जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि 15 दिन में पूरा हिसाब दो, वरना सीधे जेल

किसान अब खुले आम चेतावनी दे रहे हैं – “अगर 15 दिन में हमारा धान या उसका पूरा पैसा नहीं मिला तो ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर कलेक्ट्रेट घेरेंगे।”

माधौगढ़-रामपुरा खरीद केंद्र अब “लूट केंद्र” बन चुके हैं। किसान की मेहनत का पैसा कौन लौटाएगा? जवाब अभी भी बाकी है

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