उत्तर प्रदेश में 1542 से अधिक पुलों का निर्माण, लंबित परियोजनाओं को भी किया गया पूर्ण
उरई, दिनांक 26 नवंबर 2025 (सू०वि०)
प्रदेश सरकार ने राज्य में आवागमन को सुगम और तेज बनाने के उद्देश्य से सेतुओं (पुलों) के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सेतुओं को किसी भी देश या प्रदेश के विकास में बहुत बड़ा योगदान देने वाला कारक माना जाता है, क्योंकि ये नदियों, घाटियों और मानव निर्मित अवरोधों को पार करने में सहायता करते हैं।
सेतु निर्माण निगम की भूमिका
उत्तर प्रदेश में यू०पी० राज्य सेतु निर्माण निगम अपनी गुणवत्ता और कार्य कुशलता के लिए प्रसिद्ध है, और राज्य के सतत् विकास के लिए मार्गों के साथ-साथ सेतुओं का निर्माण तेजी से कर रहा है।
वर्तमान सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक कुल 1542 से अधिक पुलों का निर्माण कर आवागमन को सुगम बनाया गया है, जिसका विवरण निम्नलिखित है:
| सेतु का प्रकार | पूर्ण किए गए पुलों की संख्या | 01.04.2017 से पूर्व अपूर्ण थे |
| दीर्घ सेतु (Long Bridges) | 275 | 89 |
| रेल उपरिगामी सेतु (ROBs) और फ्लाईओवर | 142 (126 ROBs + 16 Flyovers) | 35 |
| लघु सेतु (Small Bridges) | 1125 | 136 |
| कुल योग | 1542 से अधिक | 260 से अधिक |
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विशेष उपलब्धि: इनमें वे 260 से अधिक सेतु भी शामिल हैं, जो 01.04.2017 से पूर्व विगत कई वर्षों से अपूर्ण थे, और उन्हें वर्तमान सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर सामान्यजन को उपलब्ध कराया है।
निर्माण कार्य प्रगति पर
वर्तमान में भी प्रदेश में बड़ी संख्या में सेतुओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिन्हें सरकार द्वारा प्राथमिकता से पूर्ण किया जा रहा है:
| सेतु का प्रकार | प्रगति पर निर्माण (सामान्य मद) | निक्षेप मद (अन्य विभाग) |
| दीर्घ सेतु | 116 | 11 |
| लघु सेतु | 595 | – |
| रेल उपरिगामी सेतु | 110 | 08 |
| फ्लाईओवर | 11 | 06 |
| कुल योग | 832 | 25 |
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदेश सरकार बुनियादी ढाँचे (Infrastructure) के विकास पर भारी निवेश कर रही है ताकि व्यापारिक और सामान्य आवागमन दोनों में तेजी लाई जा सके।