नई दिल्ली।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने क्रेडिट गारंटी योजना के अंतर्गत बिना किसी गारंटी के 10 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इस योजना से छोटे और मध्यम उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी।
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में इस योजना की औपचारिक घोषणा की गई। योजना के तहत सरकार बैंकों को ऋण पर क्रेडिट गारंटी प्रदान करेगी, जिससे उद्योगों को बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे ऋण मिल सकेगा।
सरकार के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत 75 से 90 प्रतिशत तक ऋण राशि पर गारंटी उपलब्ध कराई जाएगी। विशेष रूप से छोटे उद्यमियों और स्टार्ट-अप्स को इसका अधिक लाभ मिलेगा। योजना का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में निवेश बढ़ाना, रोजगार सृजन को गति देना और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती देना है।
सरकार का अनुमान है कि इस योजना के माध्यम से लगभग 2 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही एमएसएमई क्षेत्र में पूंजी की कमी की समस्या को दूर करने में भी यह योजना कारगर साबित होगी।