भारत करेगा मेजबानी, 10 दिन तक चलेगा अभ्यास
नई दिल्ली। भारत जल्द ही एक और बड़ा नौसैनिक आयोजन करने जा रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती सक्रियता और समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय नौसेना ने 55 देशों की नौसेनाओं को एक साझा अभ्यास में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। यह बहुराष्ट्रीय अभ्यास भारत की मेजबानी में आयोजित किया जाएगा, जिसमें समुद्री सहयोग और रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया जाएगा।
यह नौसैनिक अभ्यास 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें 370 से अधिक युद्धपोत और पनडुब्बियाँ हिस्सा लेंगी। इस दौरान विभिन्न देशों की नौसेनाएँ संयुक्त रूप से अभ्यास करेंगी ताकि समुद्री सुरक्षा, आपदा राहत, समुद्री गश्त और रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य “हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग” को बढ़ावा देना है। भारत इस अभ्यास के माध्यम से समुद्री साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ अपनी रणनीतिक क्षमता भी प्रदर्शित करेगा।
⚓ समुद्री सहयोग का बड़ा मंच
भारतीय नौसेना की ओर से कहा गया है कि यह आयोजन न केवल रक्षा साझेदारी को मजबूत करेगा, बल्कि मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग का नया अध्याय खोलेगा।
भारतीय नौसेना ने यह भी बताया कि अभ्यास में कई उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें ड्रोन, पनडुब्बी रोधी प्रणाली और सतही युद्ध तकनीक शामिल हैं।
🇨🇳 अपनी ताकत बढ़ा रहा चीन
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन हाल के वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। ऐसे में भारत का यह आयोजन क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और शक्ति संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
🔍 उद्देश्य
इस अभ्यास का मकसद समुद्री क्षेत्र में साझा सुरक्षा, आपसी तालमेल और बहुराष्ट्रीय समन्वय को बढ़ावा देना है। भारत ने इस अभ्यास के जरिए दुनिया को संदेश दिया है कि हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में उसकी भूमिका निर्णायक रहेगी।