अयोध्या।
सोमनाथ ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष एवं संत समाज से जुड़े प्रमुख धर्मगुरुओं ने कहा कि पाकिस्तान में स्थित हिंगलाज देवी शक्तिपीठ की वर्तमान स्थिति पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह स्थान सनातन आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है और वहां की धार्मिक व सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की आवश्यकता है।
संतों ने कहा कि देश में अयोध्या, काशी, पुरी, मथुरा और मीनाक्षी धाम जैसे धार्मिक स्थलों के विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं, जो श्रद्धालुओं की आस्था को सशक्त करने के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहे हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम के दौरान संत समाज ने विभिन्न धार्मिक स्थलों के संरक्षण, विकास और वैश्विक स्तर पर सनातन परंपराओं के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि विश्वभर में फैले सनातन श्रद्धास्थलों की स्थिति पर ध्यान देना आवश्यक है, ताकि उनकी गरिमा और पहचान सुरक्षित रह सके।
इस अवसर पर संतों और धर्माचार्यों ने समाज में सद्भाव, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश भी दिया।