जिला कारागार उरई का मासिक निरीक्षण, बंदियों को विधिक सहायता देने पर जोर

अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल पंवार ने बंदियों की समस्याओं को सुना

उरई, दिनांक 26 नवंबर 2025 (सू०वि०)

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों और माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विरजेन्द्र कुमार सिंह के निर्देशानुसार, आज अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल पंवार ने जिला कारागार उरई का मासिक भ्रमण किया।

निरीक्षण के मुख्य बिंदु और दिए गए निर्देश

श्रीमती पारुल पंवार ने विभिन्न बैरकों का भ्रमण किया, बंदियों से पूछताछ की और उनकी समस्याओं को समझा। उनके साथ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे एवं जेल प्रशासन के अधिकारीगण मौजूद रहे।

  1. विधिक सहायता और पैरवी:

    • उन्होंने बंदियों के मुकदमों की पैरवी और उन्हें दी जाने वाली विधिक सहायता/सलाह के बारे में जानकारी ली।

    • निर्देश: जेल प्रशासन को निर्देशित किया गया कि जिन बंदियों का निजी अधिवक्ता न हो या जिनकी पैरवी विधिवत न हो पा रही हो, उन्हें विधिक सहायता दिलाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करें।

    • सरकारी अधिवक्ता: विचाराधीन बंदियों को पैरवी हेतु सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता (एमाइकस क्यूरी/न्यायमित्र) की आवश्यकता होने पर, संबंधित न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिलवाया जाना सुनिश्चित करें।

  2. दोषसिद्ध बंदियों की अपील:

    • ऐसे बंदी जो दोषसिद्ध हो चुके हैं और उनकी अपील न हो पाने की स्थिति है, उनकी नियमानुसार जेल अपील करायी जाए।

    • निर्देश: अपील की मियाद समाप्त न होने पाए, इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से समन्वय बनाकर प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण किया जाए। विधिक समस्या आने पर उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से पत्राचार किया जाए।

  3. प्ली बार्गेनिंग स्कीम:

    • सभी बंदियों को ‘प्ली बार्गेनिंग स्कीम’ की जानकारी प्रदान करने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समन्वय से निरंतर विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन कराया जाए।

  4. सजा की अवधि पूरी करने वाले बंदी:

    • ऐसे बंदी जो अपने द्वारा किए गए अपराध के लिए प्रावधानिक अधिकतम सजा का आधा या एक-तिहाई समय काट चुके हैं, उनकी सूची अविलम्ब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके प्रकरण में आगे की कार्रवाई हो सके।

  5. महिला बंदी और बच्चे:

    • महिला बंदी और उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा और खान-पान के बारे में जानकारी ली गई।

    • बच्चों की शिक्षा: जेल प्रशासन ने अवगत कराया कि बच्चों को आँगनबाड़ी केंद्र भेजा जाता है।

  6. स्वच्छता और चिकित्सा व्यवस्था:

    • पाकशाला (रसोईघर) का निरीक्षण किया गया और वह स्वच्छ पाई गई।

    • जेल चिकित्सालय का निरीक्षण करने पर समस्त प्रविष्टियां सही पाई गईं।

    • स्वास्थ्य कैंप: निरीक्षण के समय बंदियों के एचआईवी/सिफलिश परीक्षण हेतु जिला अस्पताल, उरई से आई हुई टीम का जेल प्रशासन द्वारा पूर्ण सहयोग किया जा रहा था।

उपस्थिति

निरीक्षण के समय जेल अधीक्षक श्री नीरज देव, कारापाल श्री प्रदीप कुमार, जेल चिकित्सक डॉ. राहुल बर्मन, उप कारापाल श्री अमर सिंह एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के लिपिक श्री शुभम् शुक्ला उपस्थित रहे।

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