उरई, 21 नवंबर 2025। उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जल प्लावन से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर, सिंचाई विभाग ने रिकॉर्ड समय में बाढ़ परियोजनाओं का निर्माण किया है, जिससे करोड़ों की आबादी और लाखों हेक्टेयर फसल सुरक्षित हुई है।
🛠️ चार वर्षों में 1133 परियोजनाएं पूर्ण
प्रदेश में प्रतिवर्ष मानसून अवधि में नेपाल और सीमावर्ती प्रदेशों से आने वाली नदियों के कारण औसतन 40 जनपद बाढ़ के प्रति संवेदनशील होते हैं। विगत वर्षों में, सिंचाई विभाग ने सक्रिय और केंद्रीयकृत दृष्टिकोण अपनाते हुए उल्लेखनीय कार्य किया है:
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कुल उपलब्धि: प्रदेश सरकार ने इन वर्षों में कुल 1133 बाढ़ परियोजनाओं का निर्माण किया है।
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बचाव: इन परियोजनाओं से 30.3 लाख हेक्टेयर की भूमि और फसल का बचाव किया गया है।
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लाभान्वित आबादी: कुल 2.09 करोड़ की आबादी को बाढ़ और जल प्लावन से सुरक्षित किया गया है।
📈 वर्षवार परियोजनाओं की प्रगति
सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ से सुरक्षा के क्षेत्र में एक नई परंपरा स्थापित की गई है, जिसके अंतर्गत पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की गई है।
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2021-22: इस वित्तीय वर्ष में 167 बाढ़ परियोजनाएं पूर्ण की गईं, जिससे 10.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र तथा 46.26 लाख आबादी लाभान्वित हुई।
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2022-23: इस दौरान 283 परियोजनाएं पूर्ण की गईं, जिससे 3.64 लाख हेक्टेयर क्षेत्र तथा 33.20 लाख आबादी को लाभ मिला।
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2023-24: इस वर्ष 362 बाढ़ परियोजनाएं पूर्ण की गईं, जिनसे 10.79 लाख हेक्टेयर क्षेत्र तथा 68.97 लाख आबादी लाभान्वित हुई।
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2024-25: इस वित्तीय वर्ष में 321 बाढ़ परियोजनाएं पूर्ण की गईं, जिनसे 4.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र तथा 60.45 लाख आबादी लाभान्वित हुई।
सरकार का यह प्रयास किसानों और आम जनता के आर्थिक नुकसान को कम करने तथा उन्हें बाढ़ की स्थिति से सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत ढाँचा प्रदान करता है।