नोडल अधिकारी ने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को लगाई कड़ी फटकार
ड्राइंग-डिजाइन के अनुरूप कार्य कर तय समय में निर्माण पूर्ण करने के निर्देश
संवाददाता — उरई/जालौन
उ०प्र० शासन द्वारा नियुक्त जनपद के नोडल अधिकारी एवं सचिव, कृषि विभाग श्री इन्द्र विक्रम सिंह ने राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में 20.82 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों का बारीकी से परीक्षण किया।
निरीक्षण के समय निर्माण कार्यों में फिनिशिंग असंतोषजनक पाए जाने तथा विद्युत फिटिंग के लिए बीम में कटर से कट लगाए जाने पर नोडल अधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बीम जैसे संरचनात्मक भागों में किसी भी प्रकार की कटाई गंभीर तकनीकी लापरवाही है, जिससे भवन की मजबूती एवं सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इस पर उन्होंने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दी।
नोडल अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त निर्माण कार्य केवल स्वीकृत ड्राइंग एवं डिजाइन के अनुरूप ही कराए जाएं तथा गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में अनियमितता किसी भी परिस्थिति में क्षम्य नहीं होगी।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि नर्सिंग कॉलेज का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, जिससे मेडिकल कॉलेज को शीघ्र ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त नर्सिंग शिक्षा संस्थान उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा एवं समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसके उपरांत नोडल अधिकारी श्री इन्द्र विक्रम सिंह ने जनपद में निर्माणाधीन तहसील भवन का भी स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था यूपी पीसीएल को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को हर हाल में फरवरी 2026 तक पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि तहसील भवन के समयबद्ध निर्माण से आमजन को प्रशासनिक सेवाएं सुचारु रूप से उपलब्ध हो सकेंगी, इसलिए किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार, जिला विकास अधिकारी के.के. सिंह, उप जिलाधिकारी कालपी मनोज सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह सहित संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।